Word में कृतिदेव फ़ॉन्ट कैसे चलाएँ
पहली शर्त: फ़ॉन्ट आपके कंप्यूटर में होना चाहिए
कृतिदेव टेक्स्ट Word में तभी सही दिखता है जब आपके कंप्यूटर में Kruti Dev 010 फ़ॉन्ट इंस्टॉल हो। अगर पहले से आपके दफ़्तर के कंप्यूटर में इसमें काम होता रहा है, तो फ़ॉन्ट शायद पहले से लगा है। Word के फ़ॉन्ट वाले ड्रॉप-डाउन में "Kruti Dev 010" ढूँढकर देख लें।
यह फ़ॉन्ट उसके मालिकों का है, इसलिए इसे वैध स्रोत से या अपने दफ़्तर/टाइपिंग संस्थान से ही लें। ScanHindi यह फ़ॉन्ट उपलब्ध नहीं कराता।
Windows में फ़ॉन्ट इंस्टॉल करना
फ़ॉन्ट की .ttf फ़ाइल आपके पास हो तो ये स्टेप अपनाएँ:
- .ttf फ़ाइल पर राइट-क्लिक करें।
- "Install" या "सभी उपयोगकर्ताओं के लिए इंस्टॉल करें" चुनें।
- इंस्टॉल हो जाने के बाद चल रहा Word पूरा बंद करें और दोबारा खोलें।
- फ़ॉन्ट की सूची में "Kruti Dev 010" ढूँढें।
कन्वर्टर से बदला टेक्स्ट Word में कैसे डालें
1. ScanHindi.com पर बाएँ बॉक्स में यूनिकोड हिंदी पेस्ट करें।
2. "Convert to Krutidev" दबाएँ। दाएँ बॉक्स में कृतिदेव टेक्स्ट बन जाएगा।
3. दाएँ नीचे "Word में कॉपी करें" बटन दबाएँ।
4. Word खोलें और Ctrl+V करें। हिंदी हिस्सा अपने-आप Kruti Dev 010 फ़ॉन्ट में आएगा। अंग्रेज़ी शब्द (जैसे ईमेल) सामान्य फ़ॉन्ट में रहेंगे।
अगर "Word में कॉपी" की जगह आप सादा "कॉपी" का आइकन दबाकर चिपकाते हैं तो टेक्स्ट Word के डिफ़ॉल्ट फ़ॉन्ट में आएगा। तब पूरा चुनकर फ़ॉन्ट की सूची से "Kruti Dev 010" चुन लें।
PDF या .doc में लेना हो तो
"PDF बनाएँ" दबाने पर प्रिंट विंडो खुलती है, जहाँ "Save as PDF" चुनकर PDF बना सकते हैं। ऊपर कृतिदेव वाले बॉक्स के हेडर में डाउनलोड आइकन से .doc फ़ाइल भी ली जा सकती है। ध्यान रखें कि PDF में हिंदी का रूप तब सही दिखेगा जब आपके सिस्टम में फ़ॉन्ट लगा हो, क्योंकि PDF बनते समय सिस्टम का फ़ॉन्ट ही उसमें जुड़ता है।
कुछ उपयोगी सुझाव
- लंबे पत्र के लिए पैराग्राफ़ वैसे ही रखें जैसे आपने यूनिकोड में लिखे थे। कन्वर्टर पंक्तियाँ और अनुच्छेद वैसे ही रखता है।
- तिथि और संख्या जैसे 10/12/2026 कृतिदेव में 10@12@2026 बनकर आते हैं, जो फ़ॉन्ट में सही 10/12/2026 दिखते हैं।
- प्रिंट निकालने से पहले एक बार पूरा पत्र पढ़ लें, खासकर नाम और पद।
अक्सर होने वाली गलतियाँ
Word में कृतिदेव चलाते समय लोग कुछ आम गलतियाँ करते हैं। पहली, फ़ॉन्ट इंस्टॉल करने के बाद Word को बंद करके दोबारा न खोलना। इससे नया फ़ॉन्ट सूची में नहीं दिखता। दूसरी, पाठ को सादे "कॉपी" से चिपकाना और फिर यह सोचना कि फ़ॉन्ट अपने-आप बदल जाएगा। जिस बटन से फ़ॉन्ट के साथ कॉपी होती है, वही "Word में कॉपी करें" है।
तीसरी गलती यह है कि कृतिदेव टेक्स्ट को Mangal जैसे यूनिकोड फ़ॉन्ट में बदल देना। तब पाठ अंग्रेज़ी अक्षरों में दिखने लगता है। यह हो जाए तो घबराएँ नहीं, पूरा टेक्स्ट चुनकर फ़ॉन्ट वापस "Kruti Dev 010" कर दें, पाठ पहले जैसा हो जाएगा।
अगर आप बहुत लंबा दस्तावेज़ बना रहे हैं, तो पहले एक छोटे अंश से जाँच कर लें कि फ़ॉन्ट और आकार सही आ रहे हैं। फिर बाक़ी हिस्सा चिपकाएँ। इससे समय बचता है और गलती पकड़ना भी आसान रहता है।
यूनिकोड से कृतिदेव कन्वर्टर खोलें →